- यह कहने की आवष्यकता नहीं होती I केंद्र को सर्वत्र शुभ कहा गया है I पराशर ने भी इनका शुभत्व स्वीकार किया है किन्तु इनके स्वामित्व को प्रभावहीन बतलाया है I आचार्य के मत से केन्द्रेश तभी प्रभावशाली होते है जब उनका सम्बन्ध त्रिकोण से हो I यह तथ्य व्यवहार से भी सिद्ध होता है I इस प्रकार अनेक स्थल है जिनमे अन्य सिद्धान्तो की अपेक्षा तथयपरक नवीनता दृश्य होती है I इन तथ्यों का उद्द्घाटन अनेक विद्वानों ने अपनी टिकाओ में किया है I
Sochiye Aur Amir Baniye ( Hindi )सोचिये और अमीर बनिये
मानवीय जीव-रसायन विज्ञान और तांत्रिकीय - अंत:स्रावी विज्ञान के मूलभूत सिद्धांतों पर आधारित है । यह प्रयास होम्योपैथी को बहुत पुराने लक्षण- आधारित यंत्रवत् विज्ञान अथवा रहस्यमय विज्ञान की परिसीमा से बाहर निकालने का है और इसे अत्याधुनिक वैज्ञानिक चिकित्सा-पद्धति के रूप में संसार से परिचित कराना है । इसमें होम्योपैथिक संसार के समक्ष ' रोगों के दब जाने से संबंधित एक चार्ट' और रोगों के निरोग होने की दिशा' को प्रस्तुत किया गयाहै
यह शेर नहीं वाक्यात थे जो नज़र किये हुज़ूर के
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Prabhu ka Darshan Kaise? Tatha Anya Adhyatmic Prashno ke Uttar [Hindi] 8170820669 - यह कहने की आवष्यकताPrabhu ka Darshan Kaise? Tatha Anya Adhyatmic Prashno ke Uttar [Hindi] by Osho Shailendra Publisher: Oshodhara ? , l , , , , , ? , , l i i , , i l i , i , , i , l l , ? ? , ? i ? i ? i , i l i ' ' , , l l l , l l l